भारत आउटसोर्सिंग समाधान उपलब्ध कराने में अग्रणी रहा है तथा यह विश्व भर में देशों को अनेकों आउटसोर्सिंग सेवाएं उपलब्ध कराता रहा है। आईटी तथा आईटी समर्थित सेवाओं (आईटीईएस) जिनमें व्यवसाय प्रक्रिया आउटसोर्सिंग शामिल है का संयुक्त राजस्व वर्ष 2007-08 में 52 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
विश्व की आर्थिक संवृद्धि को प्रभावित करने वाले घोर वित्तीय तथा बैंकिंग संकट के बावजूद भारत में अनेकों आईटी, बीपीओ केपीओ कंपनियों का सफलता रिकार्ड अच्छा बना हुआ है। विशाल बाजार आकार के साथ, भारत का आउटसोर्सिंग कार्य अभी भी वैश्विक आउटसोर्सिंग बाजार में प्रबल बना हुआ है। यद्यपि बाजार में कई प्रतिस्पर्धी हैं जैसे चीन, मलेशिया, फिलीपीन्स इत्यादि, यह अभी भी अनेक लाभ प्रद कारकों के कारण आउटसोर्सिंग में विश्व का प्रमुख प्रतिभागी बना हुआ है। राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पादन के अनुपात के रूप में, आईटी-बीपीओ क्षेत्रक के राजस्व वर्ष 2006-07 में 5.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2007-08 में अनुमानित 5.5 प्रतिशत हो गए है। निर्यात के क्षेत्र में, आईटीईएस-बीपीओ में राजस्व ने वर्षानुवर्ष (2006-07 की तुलना में 2007-08 में) 29.8 प्रतिशत से अधिक की संव़ृद्धि दर्शाई है। साथ ही, भारतीय बीपीओ में प्रत्यक्ष रोजगार वर्ष 2003-04 में 2,16,000 से बढ़कर वर्ष 2006-07 में 5,53000 पर पहुंच गया। भारत ने पहले ही आईटी- बीपीओ क्षेत्रक में विश्व भर में अपनी छाप छोड़ दी है, जबकि केपीओ क्षेत्रक में विशाल अवसर भारतीय बाजार को वैश्विक मूल्य तथा ज्ञान श्रृंखला में आगे बढ़ने में सहायता करेंगे।
केंद्रीय स्तर पर, आउटसोर्सिंग तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के समग्र विकास के लिए उत्तरदायी नोडल अभिकरण इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है।
केंद्र तथा राज्य/संघ राज्य क्षेत्र , दोनों स्तरों पर बीपीओ, आईटी तथा केपीओ की सुद़ृढ़ संवृद्धि का संवर्धन करने के लिए अनेक नीतिगत उपाय तथा पहलें की गई है। संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग आउटसोर्सिंग उद्योग के लिए उत्तरदायी केंद्रीय प्राधिकरण है, जबकि राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में संबंधित 'इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग' हैं। इसके अतिरिक्त, 600 से अधिक बहुराष्ट्रिक कंपनियों द्वारा भारत में अपने केंद्रों से उत्पाद विकास तथा इंजीनियरी सेवाओं काकी सोर्सिंग करने संबंधी जानकारी मिली है। इस प्रकार, यह कहना सही है कि भारत में आईटी-बीपीओ के वैश्विक आउटसोर्सिंग में संवृद्धि के बृहत् अंश को हथियाने के लिए योग्यता, लागत, गुणता तथा शीघ्र संचालनकर्ता लाभ / अनुभव के अपने आधारभूत लाभों को उत्प्रेरित करना जारी रखा है। भारत में कई अन्य प्रक्रिया आउटसोर्सिंग कार्यकलाप भी किए जा रहे है यथा अनुसंधान, बीमा, विधिक, इत्यादि।
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